RAIPUR NEWS. भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की महाराष्ट्र–मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़ (MMC) स्पेशल ज़ोनल कमेटी ने एक और पत्र जारी किया है। डरे माओवादी प्रवक्ता ने महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों को एक पत्र भेजकर सरकारों से अस्थायी संघर्ष विराम (Ceasefire) की मांग की है। संगठन ने यह भी कहा है कि पार्टी की केंद्रीय समिति के वरिष्ठ सदस्य बसवराजू (यप्पा) उर्फ़ कमरेड मिनेश के हाल ही में दिए गए रणनीतिक बयान का वे समर्थन करते हैं। बता दें कि फोर्स के अभियान से नक्सली डरे और दहशत में हैं।

माओवादियों के पत्र के अनुसार माओवादी संगठन का कहना है कि क्षेत्र में बदली परिस्थितियों और ‘जनता के व्यापक हितों को देखते हुए वे कुछ समय के लिए संघर्ष को रोकने पर विचार कर रहे हैं। संगठन ने तीनों राज्यों की सरकारों से 15 दिसंबर 2025 तक अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। चिट्ठी में दावा किया गया है कि यदि सरकारें सकारात्मक प्रतिक्रिया देती हैं तो 2026 तक किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई व अभियान रोकने का प्रस्ताव वे आगे बढ़ाएंगे।

साथ ही संगठन ने आरोप लगाया कि PLGA (माओवादी सशस्त्र दस्ते) पर हमलों और एनकाउंटर की घटनाओं के कारण माहौल तनावपूर्ण है, इसलिए विश्वास बहाली के उपाय किए जाने चाहिए। संगठन का कहना है कि इस दौरान उनकी ओर से भी हमले नहीं किए जाएंगे, बशर्ते सुरक्षा बल भी कार्रवाई रोकें। उन्होंने यह भी लिखा है कि यदि सरकारें जवाब नहीं देतीं, तो इसे उनकी अनिच्छा माना जाएगा और वे अपना निर्णय स्वयं घोषित करेंगे।

माओवादी संगठन ने आरोप लगाया है कि वर्तमान परिस्थितियों में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई से ग्रामीणों में भय का माहौल है। उन्होंने सरकारों से अपील की है कि वे अस्थायी तौर पर कॉम्बिंग ऑपरेशन, हवाई निगरानी तथा हमले की नीयत से होने वाली गतिविधियों को रोकें। पत्र में संगठन ने ग्रामीण संगठनों, सामाजिक समूहों, पत्रकारों और मध्यस्थों से भी अपील की है कि वे इस मुद्दे पर सरकार से पहल करने की मांग उठाएं, ताकि बातचीत का रास्ता तैयार हो सके।

संगठन ने लिखा है कि यदि सरकारें उनके सुझाव पर विचार करती हैं, तो वे हथियारबंद संघर्ष में अस्थायी स्थगन से जुड़ी विस्तृत रूपरेखा भी जारी करेंगे। वहीं यदि सरकारें मना करती हैं, तो संगठन अपनी अगली रणनीति की घोषणा करेगा।




































