INDORE NEWS. इंदौर के बंगाली चौराहे के पास चलती हुई कार में अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि चूहों के तार काटने की वजह से कार में शॉर्ट सर्किट हुआ था। कार चला रहे ज्वेलरी कारोबारी हुकमचंद सोनी ने बताया कि जैसे ही उन्होंने कार में धुआं देखा, तुरंत कार से बाहर निकल गए।

कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। घटना स्थल के पास मौजूद लोगों ने घरों और दुकानों से पानी डालकर आगर को काबू करने में मदद की। बाद में कार मैकेनिक ने दावा किया कि चूहों के तार काटने की वजह से वायरिंग फॉल्ट हुआ था।
शहर में चूहों का कहर जारी
यह सिर्फ एक घटना नहीं है, बल्कि इंदौर में चूहों का आतंक कई जगहों पर देखने को मिल रहा है। 24 सितंबर को इंदौर एयरपोर्ट पर भोपाल के सॉफ्टवेयर डेवलपर अरुण मोदी को चूहे ने काट लिया था। इस घटना के बाद भी एयरपोर्ट पर रैबीज का इंजेक्शन नहीं मिला।

अस्पताल और बुनियादी ढांचे को हुआ नुकसान
30 अगस्त को एमवायएच के एनआईसीयू वार्ड में दो नवजात बच्चों को चूहों ने घायल कर दिया था, जिनकी बाद में मौत हो गई। सितंबर में रानीपुरा के कोष्ठी मोहल्ले में एक तीन मंजिला मकान भी चूहों के कारण खोखला होकर गिर गया।

पुल का हिस्सा भी धंसा
2 नवंबर को शास्त्री ब्रिज के नीचे चूहों ने गढ्ढा बनाकर मिट्टी खोखली कर दी, जिससे पुल का हिस्सा धंस गया। पुल के नीचे मिले चूहों के लगभग 20 बिल इस नुकसान का सबूत हैं। नगर निगम की टीम ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जांच और मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। ये घटनाएं इस बात का संकेत है कि शहर में चूहों का खतरा अब केवल उपकरणों तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि बुनियादी ढांचे की भी जड़ में पहुंच गया है।

चूहों से निपटने के लिए कदम उठाने की जरुरत
इंदौर में चूहों की संख्या और बढ़ते नुकसान को देखते हुए नगर निगम व प्रशासन को त्वरित एवं प्रभावी उपाय करने होंगे ताकि सुरक्षा और बुनियादी संरचनाओं को बचाया जा सके। आम जनता में सफाई और जमीनी स्तर पर रोकथाम की जागरूकता भी बढ़ानी होगी।




































