RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में एक बार फिर एसीबी (ACB) और ईओडब्ल्यू (EOW) ने कार्रवाई शुरू कर दी है। आज यानी 23 नवंबर को सुबह से ही जांच एजेंसियों ने करीब 18 जगह छापे मारे। बताया जा रहा है आबकारी और DMF से जुड़े मामलों में जांच आगे बढ़ाते हुए टीम ने तड़के राज्यभर में लगभग 18 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। टीम ने यहां भी वित्तीय लेनदेन और विभागीय रिकॉर्ड से जुड़े कागजात खंगाले।

जानकारी के मुताबिक रायपुर के रामा ग्रीन कॉलोनी में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के ठिकाने पर दबिश दी गई है। मौके पर अधिकारी दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। साथ ही अमलीडीह स्थित ला विस्टा कॉलोनी में कारोबारी हरपाल अरोरा के घर छापेमारी की गई है. वहीं बिलासपुर में अशोक टुटेजा के ठिकानों पर छापा पड़ा है।

इसी क्रम में रायपुर के अलावा अंबिकापुर, कोंडागांव सहित कई जिलों में भी एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीमें सक्रिय रहीं और अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। हर जगह टीमों ने मामले से जुड़े कागजात, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य संभावित साक्ष्यों की बारीकी से जांच की। हालाकि रेड की अधिकृत पुष्टि अभी एसीबी के अफसरों ने अभी नहीं की है।

बता दें कि 29 अक्टूबर को जिला खनिज न्यास निधि (DMF) घोटाले से जुड़े सप्लायरों के 14 ठिकानों पर ACB और EOW की संयुक्त टीमों ने छापेमारी की थी। रायपुर में पचपेड़ी नाका स्थित वॉलफोर्ट इन्क्लेव में अशोक और अमित कोठारी के घर टीम ने रेड की थी। इनका कारोबार कृषि कच्चा माल, खाद्य पदार्थ से जुड़ा है। वहीं, राजनांदगांव शहर के भारत माता चौक स्थित राधा कृष्ण एजेंसी अग्रवाल के निवास, नहटा और भंसाली के ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई थी।

बता दें कि शराब घोटाला मामले में अब तक पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 आबकारी अधिकारी भी आरोपी बनाए गए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है।




































