INDORE NEWS. मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 15 सितंबर को एरोड्रम से मल्हारगंज तक ट्रक ने कई लोगों को रौंद दिया था। ट्रक ने 10 वाहनों को टक्कर मारी थी, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई थी। इस दुर्घटना मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। निलंबित पुलिसकर्मियों ने बताया कि नो एंट्री क्षेत्र में ट्रकों की एंट्री खुद पुलिसकर्मी करवा रहे थे।

उन्होंने अफसरों को अलग-अलग स्थानों के सीसीटीवी फुटेज भी सौंपे हैं, जिनमें यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है। एरोड्रम थाना क्षेत्र में शनिधाम चौराहा के पास तेज रफ्तार में दौड़ते अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से 14 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। पहली टक्कर के बाद ट्रक के नीचे एक मोटरसाइकिल फंस गई थी। उसके घसिटने से बाइक का फ्यूल टैंक फट गया और ट्रक में आग लग गई थी।

घटना के बाद ट्रक चालक गुलशेर और मालिक साहिल खान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डीसीपी अरविंद तिवारी को मुख्यालय अटैच कर दिया था। वहीं, एसीपी सुदेश कुमार सिंह, टीआई दीपक यादव और अर्जुन सिंह पंवार को निलंबित कर दिया गया था।

डीसीपी आनंद कर रहे हैं जांच
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने मामले की विभागीय जांच शुरू की है। जोन-4 के डीसीपी आनंद कलादगी इस मामले की जांच कर रहे हैं और निलंबित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि महीनों से नो एंट्री की अनदेखी कर ट्रक शहर में प्रवेश कर रहे थे।

एरोड्रम थाने से बड़ा गणपति चौराहा तक के फुटेज भी उपलब्ध कराए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, ट्रक दिलीप नगर से बिजासन माता चौराहा होते हुए रामचंद्र नगर चौराहा तक आ रहे थे। पोलोग्राउंड और मरीमाता जाने के लिए भी यही मार्ग इस्तेमाल हो रहा था।

हादसे के बाद उच्च अधिकारियों ने माना कि पुलिसकर्मियों की लापरवाही से ट्रक नो एंट्री में घुसा। निलंबित कर्मियों ने अफसरों को शिकायत भी दी है और कहा कि बड़ी संख्या में चालान होने से यह साफ है कि ट्रकों की नो एंट्री में आवाजाही लंबे समय से हो रही थी।



































