भिलाई निगम ने शुरू किया कोरोना से मृत व्यक्तियों के आश्रितों से अनुदान के आवेदन लेना, जानें क्या दस्तावेज जरूरी


आवेदकों की सुविधा के लिए निगम ने हेल्पलाइन नंबर भी किया जारी, सुबह साढ़े दस से शाम साढ़े पांच बजे तक ली जा सकेगी जानकारी

तीरंदाज, भिलाई। कोरोना से जान गंवाने वालों के आश्रितों को राहत देने के लिए सरकार द्वारा दी जा रही राहत राशि के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भिलाई नगर निगम ने सोमवार से इसकी शुस्र्आत कर दी है। आवेदन का फार्मेट तय है और तय फार्मेट में ही संबंधितों को आवेदन करना होगा। आवेदकों की सुविधा के लिए निगम में कंट्रोल भी बनाया गया है। हेल्पलाइन नंबर के जरिए यहां संपर्क कर आवेदन से संबंधित किसी भी तरह की शंका का समाधान कराया जा सकता है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा कोविड-19 से जान गंवाने वालों के आश्रितों के लिए 50,000 स्र्पये प्रति मृतक अनुदान राशि तय की गई है। इसके लिए भिलाई निगम के मुख्यालय के कमरा नंबर-18 में आवेदन लिए जा रहे हैं, जबकि सभी जोन कार्यायों में भी आवेदन लिए जाएंगे। निगमायुक्त प्रकाश सर्वे ने इस संबंध में सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सभी जोन आयुक्त से अनुदान राशि का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा इसका बेहतर क्रियान्वयन करने के लिए कहा। आयुक्त ने बताया कि अनुदान राशि के लिए आवेदन के लिए जो प्रारूप तैयार किया गया है, आवेदन उसी प्रारूप में लिए जाएं। सभी आवेदनों को जांच के बाद जिला स्तर पर गठित कोविड-19 मृत्यु विनिश्चयन समिति को भेजा जाएगा। भिलाई निगम ने अनुदान सहायता से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया है। सुबह 10:30 से शाम 5:30 बजे के बीच कंट्रोल रूम के फेोन नंबर 0788-2296212 पर संपर्क कर आवेदक अपनी शंकाओं का निराकरण कर सकते हैं। निगम उपायुक्त सुनील अग्रहरि ने बताया कि जो व्यक्ति इस संबंध में पूर्व में आवेदन कर चुके हैं। उन्हें अब दोबारा आवेदन करना होगा। पहले लोगों ने सादा कागज पर आवेदन किया था, और अब उन्हें तय फार्मेट में आवेदन करना होगा।

आवेदन के साथ ये दस्तावेज जरूरी
निर्धारित प्रारूप में आवेदन जमा करने के साथ आवेदक को कोरोना से मृत व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र, आवेदक के आधार नंबर की छाया प्रति, आवेदक के बैंक खाते के प्रथम पृष्ठ की छाया प्रति, मृतक के आधार कार्ड/मतदाता परिचय पत्र की छाया प्रति, मृत व्यक्ति के निकटतम वारिस होने संबंधी हल्का पटवारी द्वारा प्रमाणित किया हुआ पंचनामा प्रतिवेदन एवं उत्तराधिकारियों का सहमति पत्र अनिवार्य रूप से संलग्न करना होगा। इन सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही अनुदान राशि मिल सकेगी।